Algorithm – एल्गोरिथ्म क्या है और कैसे काम करती। पूरी जानकारी हिन्दी में

सायद आपको पता नहीं होगा ऍल्गोरिथम क्या है (व्हाट एस एल्गोरिथ्म इन हिन्दी)। और आपको अगर यह नहीं पता तो आपको एल्गोरिथ्म कैसे लिखें यह भी नहीं पता होगा। लेकिन आज मैं आपको, आपके दोनों सवालों के जवाब के साथ-साथ कुछ और जानकारी देने की कोशिश करूँगा जो की एल्गोरिथ्म संभंदी है। जिसे आपके सारे सवालों के जवाब मिल जाएँ वो भी हिन्दी में।

प्रत्येक दिन सुबह उठते ही हम काम पे लग जाते हैं। हर काम को प्रारंभ से लेके ख़तम होने तक कुछ स्टेप्स को फॉलो करते हैं। हर काम आपके लिए प्रॉब्लम जैसे होते है ओर प्रॉब्लम का हल काम करने से मिलता है। हल निकालने के लिए हम एक क्रम निश्तित करते हैं। एक उदाहरण से समझते हैं आपको चाय बनाना है तो इस काम को संपन करने के लिए, हम कुछ क्रम का अनुसरण करने की आवश्यकता होती है। वैसे ही अगर आप रोटी बना रहे हो तो इस कार्य को संपन करने के लिए भी आप कुछ स्टेप्स को फॉलो करते हैं। निचे चाय बनाने के स्टेप्स दिए गये हैं।

  • सबसे पहले एक बरतन में पानी डाल के उसे गरम करें।
  • पानी में चाय पति, चीनी और दूध डालें।
  • चाय उबलने तक इंतजार करें।
  • गैस को बंद करें और चाय को छान लें।
  • चाय तयार है अब आप इसे पि सकते हैं।

उपर दिए गए इस उदहारण को हम एल्गोरिथ्म कह सकते हैं। क्यूंकि यह एक क्रम में है। एक भी क्रम को बदलेंगे तो चाय नहीं बनेगी। शायद कुछ ओर ना बन जाएं। अभी तक आपको हल्का सा आभास होने लगा होगा की एल्गोरिथ्म क्या होता है। आपका सवाल है, “यह कंप्यूटर में कैसे काम आता है”।

कंप्यूटर को कुछ कार्य करने के लिए, कंप्यूटर प्रोग्राम लिखे जाते हैं। अब कंप्यूटर प्रोग्राम में हम बहुत सारे स्टेप्स लिखते हैं। जिन स्टेप्स को कंप्यूटर एक्सेक्यूटे करता है और कार्य को ख़तम करता है। जब आप कंप्यूटर को कुछ कार्य बताते हैं तब आप यह भी सोचते ही होंगे की कैसे कंप्यूटर इन कार्य को करता है। इसके लिए हम इस्तमाल करते हैं कंप्यूटर एल्गोरिथ्म। तो चलिए बिस्तर से जानते हैं के ऍल्गोरिथम क्या होता है।

ऍल्गोरिथम क्या है:

ऍल्गोरिथम क्या है: एल्गोरिथ्म (अल-गो-रीथ-याम) यह एक प्रोसीजर (स्टेप बय स्टेप प्रोसेस) या फिर यह एक फॉर्मूल है। जो की एक प्रॉब्लम को सोल्वे करता है। यह एक प्रोसीजर है जिसमे सीमित नियम होते हैं, जिनको इंस्ट्रक्शन भी कहा जाता है। जिन नियमों को एक के बाद एक लिखा जाता है और हर एक नियम(स्टेप्स) कुछ ना कुछ ऑपरेशन को दर्शाते है। इन नियमों के जरिए प्रॉब्लम का सोलूशन निकलते हैं।

दुसरे सब्दों में कहें तो एल्गोरिथ्म किसी भी समस्या या प्रॉब्लम का समाधान निकलने की स्टेप बय स्टेप प्रक्रिया है। अब और थोडा सरल भाषा में समझते हैं एल्गोरिथ्म में कुछ स्टेप्स होते हैं, जिनमे हर एक स्टेप एक ऑपरेशन को दर्शाता है। एक स्टेप सुरुवात करता है और आखिर में एक स्टेप रहता है जो ख़तम करता है और इन दोनों स्टेप्स के बिच में और बहुत सारे स्टेप्स होते हैं जो अलग अलग कार्य करते हैं।

जैसे चावल बनाना यह आपकी प्रॉब्लम है। इस काम को ख़तम करने के लिए चलिए कुछ स्टेप्स लिखते हैं। पहले चावल को धोना होगा फिर, पानी गरम करो और पानी गरम करने के उसमे चावल डालना है और चावल के उबलने का इंतजार करना होगा। 10-15 मिनट में चावल बन के तैयार। अब यहाँ हर एक स्टेप्स कुछ न कुछ ऑपरेशन को परफॉर्म करते हैं। जैसे चावल धोना मतालब इसमें कचे चावल में पानी डालके धोया जाता है। ऐसे ही हर स्टेप्स में अलग-अलग ऑपरेशन्स होते हैं। देखिए यहाँ हम प्रॉब्लम को छोटे छोटे स्टेप्स में डिवाइड कर दिए यही तो है जिसको आपको सझना था।

प्रोग्रामिंग में एल्गोरिथ्म का इस्तमाल बहुत है। तो चलिए बिस्तर से जानते हैं कैसे और कहाँ इनका इस्तमाल होता है।

यूज़/इम्पोर्टेंस ऑफ़ अल्गोरिथम:

एल्गोरिथ्म का इस्तमाल तो हर जगह है जैसे आप पने हर दिन की समस्याओं का जवाब भी आप इस स्टेप बय स्टेप प्रोसेस के जरिए निकाल सकते हो। टेक्निकली हम बोले तो ज्यदा इस्तमाल आईटी इंडस्ट्री, बिज़नेस मॉडल, प्रोग्रामिंग में किया जाता है। तो चालिए एक-एक कर इसके यूज़ के बारे में जानते हैं।

1. कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में प्रोग्राम को लिखने से पहले एल्गोरिथ्म लिखा जाता है। अगर आप एक कंप्यूटर साइंस, आईटी, बीसीऐ और ऍमसीऐ के स्टूडेंट हो तो आपको एक प्रोग्राम लिखना है। जैसे चेक व्हेदर दा नंबर एस प्राइम और नॉट? इस प्रोग्राम को अगर आप बिना सोचे लिखना शुरू कर देंगे तो शायद प्रोग्राम में आपको बहुत सारे प्रॉब्लम देखने को मिल सकते हैं। इन प्रोब्लेम्स को आप कम कर सकते हो अगर आप पहले एल्गोरिथ्म बना लें तो।

2. फ्लो चार्ट बनाने से पहले एल्गोरिथ्म लिखा जाता है। वरना गलतियाँ होने की संभावना बढ़ जाती है।

3. कंप्यूटर साइंटिस्ट और सॉफ्टवेयर इंजीनियर इसका इस्तमाल करते हैं। क्यूंकि इसके इस्तमाल से उनका समय और महनत कम हो जाती है। जैसे की: एक सॉफ्टवेयर कंपनी को एसबीआई के लिए एप्प डेवेलोप करना है। अब यह सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए एक समस्या है इसका समाधान स्टेप बय स्टेप लिखने से ही होगा। अगर कोई प्रॉब्लम या गलती हो जाती है तो समाधान वही पे मिल जाता है। जिसे एप्लीकेशन डेवेलोप करने आसानी होती है।

इसे भी पढ़ें: बिटकॉइन क्या है और इससे कैसे कमाते है पूरी जानकारी हिन्दी में।

सर्च इंजन, फेसबुक में लाइक, गूगल मैप शॉर्टेस्ट पथ, रेटिंग, सर्चिंग वगेरा यह सब एल्गोरिथ्म के जरिए काम करते हैं।

4. मैथमेटिकल प्रॉब्लम सोल्वे करने के लिए इसका इस्तमाल होता, जैसे एक छोटा उदहारण लेते हैं। आपको यह पता लगाना है एक नंबर –ve है या +ve ? आपके मन जवाब तुरंत आया होगा की + और – चिन्ह को देख के आप बता सकते हैं। लेकिन यह आप समझ जाओगे लेकिन कंप्यूटर कैसे समझेगा। इसके लिए आपको एल्गोरिथ्म लिखना होगा। अगर एक नंबर 0 से बड़ा है तो वह +ve नंबर है और अगर 0 से छोटा है तो वह नंबर –ve नंबर है।

5. सूडो कोड लिखने के लिए भी इसकी जरुरत होती है वरना सूडो कोड को दोबारा लिखना पड़ता है।

6. व्यक्तिगत जीवन की समस्याओं का समाधान भी कर सकते हैं। जैसे मुझे कल सुबह जल्दी उठाना है। सबसे पहले इसके स्टेप्स कैसे लिखोगे।

  • मुझे जल्दी सोना है।
  • Alarm थोडा दूर रखना है।
  • अब सो जाना है।
  • सुबह अलार्म बजा तो उठके अलार्म बंद करो।
  • मुह दोहने जाओ।
  • काम ख़तम स्टेप्स भी एक एल्गोरिथ्म हैं। (यह उदाहरण समझाने लिए लिया गया है)

7. ऐआई, स्पेस रिसर्च, रोबोटिक्स इन सभी फील्ड में बहुत उपयोग किया जाता है।

यह जो सवाल था एल्गोरिथ्म क्यूँ चाहिए ये सवाल कुछ इस तरह था हम काम क्यूँ करते है। हर काम को सठिक तरीके से ख़तम करने के लिए एक प्रक्रिया की होनी अति अवश्यक है।

चरक्टेरिस्टिक्स ऑफ़ एल्गोरिथ्म:

आपको पता ही है यह एल्गोरिथ्म एक स्टेप बय स्टेप प्रोसीजर है। जो ये स्पस्ट करता है की स्टेप्स किस क्रम में एक्सेक्यूटे होंगे जिसे हमें डेसिरद (आकांक्षा जनक) आउटपुट मिल सके। एल्गोरिथ्म को दो कारक के जरिए एनालाइज किया जाता है। जैसे टाइम और स्पेस। टाइम यह बताता है की एल्गोरिथ्म लिखने के लिए कितना समय लगेगा और स्पेस से यह पता चलता है की कितने कम समय में हम लिख सकते हैं। अब इसके चरक्टेरिस्टिक्स के बारे में बात करते हैं।

  • अन-अम्बिगुयस: जो भी अल्गोरिदम आप लिखें वह स्पष्ट और सठिक होना अति अवश्यक है। हर एक स्टेप या लाइन का कुछ मीनिंग होना चाहिए।
  • फिनिटेनेस्स: हर एक एल्गोरिथ्म कुछ सिमित स्टेप्स के अंदर ख़तम होना चाहिए। और हर स्टेप फिनिट यानि सिमित बार रेपैट होना चाहिए। स्टेप्स का एक्सेक्टिओं भी सिमित समय के लिए होना चाहिए। हर एक स्टेप का कुछ न कुछ मीनिंग होना चाहिए।
  • इनपुट: हर एल्गोरिथ्म में O या फिर O से ज्यादा सठिक स्टेप्स होने चाहिए।
  • आउटपुट: जैसे हर एल्गोरिथ्म का इनपुट स्टेप होते हैं वैसे ही एल्गोरिथ्म का आउटपुट स्टेप भी होना चाहिए। आउटपुट भी वही आना चाहिए जिसके लिए हम लिखे हैं।
  • इफेक्टिवनेस: टाइम और स्पेस से इफेक्टिवनेस का अंदाजा लगाया जाता है। अगर एल्गोरिथ्म कम टाइम और स्पेस में लिखा जाता है। या फिर कम समय में एक्सेक्यूटे होता है और कम स्पेस में रन होता इसे ही इफेक्टिवनेस कहते हैं।

डाटा स्ट्रक्चर के मुताबिक यह सब इम्पोर्टेन्ट काटेगोरिएस होनी चाहिए।

  • सर्च: आइटम को डाटा स्ट्रक्चर में सर्च आसानी से सर्च कर सकें।
  • सॉर्ट: एक लिस्ट को आर्डर कर सके या सॉर्टिंग कर सकें।
  • इन्सर्ट: डाटा स्ट्रक्चर में एल्गोरिथ्म को इन्सर्ट कर सकें।
  • अपडेट: एल्गोरिथ्म के जरिए आइटम को अपडेट करने की ख्यामता हो।
  • डिलीट: एल्गोरिथ्म से जो आइटम डाटा स्ट्रक्चर में है उसे डिलीट कर ने में असुविधा न हो।

दा कम्प्लेक्सिटी ऑफ़ अल्गोरिथम:

दो फैक्टर्स को ध्यान में रख के एल्गोरिथ्म की कम्प्लेक्सिटी को क्लास्सिफ़ी किया गया है। एक टाइम कम्प्लेक्सिटी और दूसरा स्पेस कम्प्लेक्सिटी।

  • टाइम कम्प्लेक्सटीय: प्रोग्राम को रन होने में जितना टाइम लगता है।
  • स्पेस कम्प्लेक्सिटी: कंप्यूटर के अंदर प्रोग्राम को एक्सेक्यूटे होने के लिए जितना स्पेस चाहिए उसे स्पेस कम्प्लेक्सिटी कहते हैं।

एल्गोरिथ्म कैसे लिखें:

ऍल्गोरिथम क्या है इसको लिखना बड़ा ही आसान है आप को कुछ ज्यादा सिखने की आवश्यकता ही नहीं। आपको को पता होगा शुरूवात में एक उदहारण लिए थे जहाँ एक ex- था चाय कैसे बनाते हैं। उसी तरह आपको लिखना है स्टेप बय स्टेप। अल्गोरिथम की ज्यादा जरुरत प्रोग्रामिंग में होती है। आप डायरेक्ट भी लिख सकते हो या आप कुछ रूल्स का इस्तमाल करके भी लिख सकते सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: आईपी एड्रेस क्या है और कैसे पता करें पूरी जानकारी हिन्दी में।

रूल्स जैसे की: स्टार्ट, इनपुट, आउटपुट, रीड, वेरिएबल, डिस्प्ले, स्टॉप। निचे दिए गए एक्साम्प्ले को एक बार देख लें जिसे आपको समझने में आसानी होगी।

उदहारण: 1

प्रशन: दो नंबर को को एंटर करें और दोनों नंबर्स का शूम निकालें?

हर एल्गोरिथ्म में शुरूवात में स्टार्ट और अंत में स्टॉप/एन्ड लिखें जैसे निचे लिखा गया है।

  • इसके बाद देखें की कितने वेरिएबल्स की जरुरत है या क्या इनपुट करना है। जैसे निचे दो नंबर्स को शूम करने के लिए 3 वेरिएबल्स चाहिए। नंबर 1 पहले नंबर के लिए नंबर 2 दुसरे नंबर के लिए और शूम वेरिएबल नंबर 1+ नंबर 2 को स्टोर करने के लिए। तो आपको इन वेरिएबल्स के बारे में सोचें और लिखना शुरू करें।
  • अब कुछ स्टेप्स ऐसे होंगे जहाँ हमें अरिथमैटिक ऑपरेशन जैसे +, -, ×, ÷ करने होंगे और कुछ लॉजिकल ऑपरेशन जैसे की: कपरिसिओं ऑपरेशन, तुरुथा फाल्स, जीनका आउटपुट O (फाल्स) और 1 (तुरुथा) होता है। अरिथमैटिक तो आपको पता ही है (+, -, ×, ÷ ) और लॉजिकल का एक एक्साम्प्ले जैसे आपको जानना है। “लार्जेस्ट नंबर अमोंग 2 नंबर” तो यहाँ आप दोनों नंबर्स को कम्पेयर करोगे। इन सिम्बल्स का इस्तमाल कर के “>, <, >=, <=, !=”.
  • अब आखिर में जो रिजल्ट आता है उसको आप डिस्प्ले लिख के डिस्प्ले कर सकते हैं और अंत स्टेप में स्टॉप या एन्ड लिख दें। अब इस उदाहरण को धयान से समझें।

स्टेप 1: स्टार्ट //स्टेप स्टार्ट हुआ।

स्टेप 2: डिक्लेअर वेरिएबल्स नंबर 1, नंबर 2 और शूम। //नंबर1, नंबर2, शूम वेरिएबल बनाएं जहाँ कोई भी संख्या स्टोर होगी।

स्टेप 3: रीड वैल्यूज नंबर 1 और नंबर 2. //जब keyboard से Number enter होगा तो यहाँ रीड होगा।

स्टेप 4: ऐड नंबर1 एंड नंबर2 एंड असाइन दा रिजल्ट टू शूम।
शूम=नंबर1+नंबर2 //दो नंबर्स का जोड़, शूम में स्टोर होगा।

स्टेप 5: डिस्प्ले शूम //शूम को डिस्प्ले करें।

स्टेप 6: स्टॉप //समाप्त।

अब कुछ और उदहारण देख के समझने की कोशिश करें।

एक्साम्प्ले: 2

  • स्टेप 1. स्टार्ट
  • स्टेप 2. रीड दा नंबर अन
  • स्टेप 3. [इनिशियलाइज़] आई=1, फैक्ट=1
  • स्टेप 4. रिपीट स्टेप 4 थ्रू 6 अंटिल i=n
  • स्टेप 5. फैक्ट=फैक्ट*आई
  • स्टेप 6. आई=आई+1
  • स्टेप 7. प्रिंट फैक्ट
  • स्टेप 8. स्टॉप

इसे भी पढ़ें: फ़ोन पे एप्प क्या है और कैसे यूज़ करते है पूरी जानकारी हिन्दी में।

हमेसा से मेरी कोशिश रहती है की आपको सही और सठिक और पूर्ण इन्फोर्मशन आपको मिले। आशा करता हूँ आपको समझ आ गया होगा के ऍल्गोरिथम क्या है (अल्गोरिथम इन हिन्दी)। शायद अगलि बार जब आप लिखो गे तो याद रखना इन कुछ बातों को आप को प्रोग्राम में कितने वेरिएबल चाहिए और कंप्यूट क्या करना है। कौन कौन से ऑपरेशन करने हैं। जिसे लिखने में आसानी होगी। कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

ऍल्गोरिथम क्या है आपसे यही उम्मींद है ये लेख पसंद आया होगा, कैसा लगा आप जरुर निचे बताइए। अगर अभी भी कोई सवाल आप पूछना चाहते हो तो निचे कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे। कोई सुझाव या सलाह देना चाहते हो तो जरुर दीजिये जो हमारे लिए काफी उपयोगी हो। हमारे ब्लॉग को अभी तक अगर आप सब्सक्राइब नहीं किये हैं तो जरुर सब्सक्राइब करें आपको हनारी जानकरी आपको सबसे पहले मिले। मस्त रहें और खुस रहें। चलो बनायें डिजिटल इंडिया जय हिंद, जय भारत, धन्यबाद।

Sagar Biswashttps://24hindi.in
Sagar Biswas is the Chief Seo Expert and the Founder of ‘24Hindi’. He has a very deep interest in all current affairs topics whatsoever. Well, he is the power of our team and he lives in Surat. Who loves to be a self dependent person.

Similar Articles

Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Unlimited

Insurance – इन्शुरन्स क्या है और यह कितने तरह का होता है पूरी जानकारी हिन्दी में।

हेलो दोस्तों आप सभी का "24Hindi" आपका स्वागत है आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे की इन्शुरन्स क्या है और यह कितने तरह...

Insurance – इन्शुरन्स क्या होता हैं? जाने इन्शुरन्स कितने प्रकार के होते हैं और इन्शुरन्स करवाने के फायदे।

इन्शुरन्स यानी कि बीमा क्या होता हैं? इन्शुरन्स कितने प्रकार के होते हैं? अथवा इन्शुरन्स कराने से हमें क्या लाभ मिलता हैं? ऐसे कई...

Most Popular

VoWiFi – वॉइस ओवर वाईफाई क्या है? और कैसे काम करती है पूरी जानकारी हिंदी में।

वॉइस ओवर वाईफाई: दोस्तों टेक्नोलॉजी अभी के जमाने में बहुत तेजी से अपडेट हो रहा है, ताकि आपको हमेशा एक बेहतर सेवा मिल सके।...

Mirzapur Season 2 – मिर्ज़ापुर सीजन 2 डाउनलोड इन एचडी फुल एपिसोड फॉर फ्री।

मिर्ज़ापुर सीजन 2: की बात करे तो ये वेब सीरीज सबसे ज्यादा इंतजार करने वाली वेब सीरीज बन चुकी है क्योकि मिर्ज़ापुर का पहला...