ATM – एटीएम का फुल फॉर्म क्या है जानिए पूरी जानकारी हिन्दी में।

एटीएम का इस्तमाल आप जरुर से अपने रोजमर्रा के कार्यों में कर रहे होंगे। कभी पैसे निकालने हों या फिर पैसे किसे भेजने हो सभी कामों के लिए हम एटीएम का जरुर से इस्तमाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं की एटीएम का फुल फॉर्म क्या है?

ये सवाल अक्सर बहुत से कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं में पूछा जाता है, वही सही जानकारी के अभाव होने के कारण बहुत से उम्मीदवार यहीं मात खा जाते हैं और इस सवाल का जवाब नहीं दे पाते हैं। इस पोस्ट में, हम एटीएम के फुल फॉर्म और एटीएम से संबंधित जानकारी के बारे में जानेंगे। हम में से बहुत से लोग सोचते हैं कि एटीएम फुल फॉर्म एनी टाइम मनी होता है लेकिन यह सही नहीं है। आज हम एटीएम का फुल फॉर्म के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

एटीएम को दुनिया के अन्य हिस्सों में विभिन्न नामों से जाना जाता है। कनाडा में, एटीएम को एबीएम (आटोमेटिक बैंकिंग मशीन) के रूप में भी जाना जाता है। अन्य देशों में, कैश पॉइंट, कैश मशीन, मिनी बैंक और होल इन द वॉल शब्द का उपयोग किया जाता है। इसलिए आज मैंने सोचा की क्यों न आप लोगों को एटीएम का फुल फॉर्म क्या होता है? का सही जवाब बता ही दिया जाये जिससे आगे आपको कभी इस सवाल को लेकर टेंशन नहीं होगी। तो फिर चलिए शुरू करते हैं।

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एटीएम का पूरा नाम क्या है:

एटीएम का फुल फॉर्म होता है ऑटोमेटेड टेलर मशीन

यदि इसकी हम विश्लेसन करें तब हम पाएंगे:

  • ए: ऑटोमेटेड
  • टी: टेलर
  • एम: मशीन

एटीएम के दुसरे फुल फॉर्म्स: अब चलिए एटीएम के कुछ अन्य फुल फॉर्म के विषय में जानते हैं जो निचे दिए गए हैं।

  • एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट (एविएशन टर्मिनोलॉजीज़ में)
  • असिंक्रोनोस ट्रांसफर मोडे (ए.टी. सेक्टर में ) यह एक टेलेकम्युनिकशन्स कांसेप्ट होता है जिसे की डिफाइन किया गया है ANSI और ITU के द्वारा।
  • एसोसिएशन ऑफ़ टीचर्स ऑफ़ मैथमेटिक्स (यह एक नॉन-प्रॉफिट आर्गेनाइजेशन और रजिस्टर्ड चैरिटी है UK की)
  • अंगकटन टेंटरा मलेशिया
  • अल्टामीरा एयरपोर्ट यह एक एयरपोर्ट है जो की अल्टामीरा, ब्राज़ील (एयरपोर्ट कोड) में स्तिथ है।

एटीएम क्या है:

एटीएम एक इलेक्ट्रॉनिक टेलेकम्युनिकशन्स डिवाइस है जिसका उपयोग वित्तीय लेनदेन जैसे कि नकद निकासी, जमा, फंड ट्रांसफर और अन्य बैंक से संबंधित किसी भी समय लेनदेन के लिए किया जाता है। यह बैंकिंग प्रक्रिया को बहुत आसान बनाता है क्योंकि ये मशीनें आटोमेटिक हैं और बैंक कर्मचारियों के साथ सीधे बातचीत की कोई आवश्यकता नहीं है।

यूजर विशेष प्रकार के प्लास्टिक कार्ड के माध्यम से अपने अकाउंट तक पहुंचते हैं, कार्ड के ऊपर एक मैग्नेटिक स्ट्रिप पर यूजर की जानकारी के साथ एनकोडेड होते है। पट्टी(स्ट्रिप) में एक आइडेंटिफिकेशन कोड होता है जो बैंक के सेंट्रल कंप्यूटर पर मॉडेम द्वारा प्रेषित होता है। यूजर अपने अकाउंट तक पहुँचने और अपने खाते के लेनदेन की प्रक्रिया के लिए कार्ड को एटीएम में डालते हैं।

एटीएम के पार्ट्स क्या हैं:

एटीएम में दो प्रकार के उपकरण होते हैं जो उसेर्स को आसानी से इसका उपयोग करने में मदद करते हैं।

  • इनपुट डिवाइस
  • आउटपुट डिवाइस

इनपुट डिवाइस:

  • कार्ड रीडर: कार्ड रीडर, एटीएम कार्ड के डेटा (खाते की जानकारी) को पढ़ता है जो आपके एटीएम कार्ड के पीछे की तरफ रखी मैग्नेटिक स्ट्रिप पर संग्रहीत होता है और इसे वेरिफिकेशन के लिए सर्वर पर भेजता है। खाते की जानकारी और यूजर सर्विस से प्राप्त आदेशों के आधार पर नकद निकालने की अनुमति देता है।
  • कीपैड: कीपैड आपको पीआईएन जैसे विवरण, आप कितना पैसा निकालना चाहते हैं और अन्य सुविधाओं जैसे कैंसिल, क्लियर, एंटर, आदि का इनपुट करने की अनुमति देता है।

आउटपुट डेवीस:

  • स्क्रीन: इसका उपयोग खाता संबंधी जानकारी (खाता धारक का नाम, उपलब्ध शेष राशि, इत्यादि) को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है और आपके लेनदेन को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए आपको जिन कार्यों को करने की आवश्यकता होती है।
  • स्पीकर: अधिकांश एटीएम में स्पीकर उपलब्ध होते हैं। जब आप अपने लेन-देन करते हैं तो यह ऑडियो फीडबैक प्रदान करने के लिए प्रदान किया जाता है।
  • कैश डिस्पेंसर: यह एटीएम के सबसे महत्वपूर्ण आउटपुट डिवाइसों में से एक है। इसका उपयोग नकदी निकालने के लिए किया जाता है।
  • रिसीप्ट प्रिंटर: यह आपके लेन-देन से संबंधित एक रसीद प्रदान करता है जिसमें निकासी राशि, शेष राशि, दिनांक, समय, स्थान आदि शामिल होते हैं।

एटीएम कैसे काम करता है:

एटीएम का कामकाज शुरू करने के लिए, आपको एटीएम मशीनों के अंदर प्लास्टिक एटीएम कार्ड डालने होंगे। कुछ मशीनों में आपको अपने कार्ड ड्राप करने पड़ते हैं, कुछ मशीनें कार्ड स्वैप करने की अनुमति देती हैं। जैसा कि मैं पहले ही बता चुका हूं इन एटीएम कार्ड में एक मैग्नेटिक पट्टी के रूप में आपके अकाउंट का विवरण और अन्य सुरक्षा जानकारी होती है।

जब आप अपना कार्ड ड्राप/स्वैप करते हैं, तो मशीन को आपके खाते की जानकारी मिल जाती है और वह आपका पिन नंबर मांगता है। सफल ऑथेंटिकेशन के बाद, मशीन ट्रांसक्शन की अनुमति देता है।

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एटीएम के प्रकार:

चलिए अब एटीएमके प्रकारों के बारे में जानते हैं।

  • ऑनलाइन एटीएम: इस प्रकार का एटीएम बैंक के डेटाबेस से 24 घंटे जुड़ा रहता है। आप अपने खाते में मौजूद शेष राशि से अधिक नहीं निकाल सकते।
  • ऑफलाइन एटीएम: यह बैंक के डेटाबेस से जुड़ा नहीं होता है। यहां तक कि अगर आपके पास आपके खाते में आवश्यक राशि नहीं है, तो आप इसे निकाल पाएंगे, इसके लिए बैंक कुछ जुर्माना लगा सकता है।
  • ऑन साइट एटीएम: बैंक परिसर के अंदर के एटीएम को ऑनसाइट एटीएम के रूप में जाना जाता है।
  • ऑफ साइट एटीएम: बैंक परिसर के अंदर विभिन्न स्थानों पर स्थित एटीएम को ऑफसाइट एटीएम के रूप में जाना जाता है।
  • वाइट लेबल एटीएम: नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कम्पनीज द्वारा स्थापित किए गए एटीएम को व्हाइट लेबल एटीएम के रूप में जाना जाता है।
  • एलोव लेबल एटीएम: एलोव लेबल एटीएम, इ-कॉमर्स रेअसोंस के लिए प्रदान किए जाते हैं।
  • ब्राउन लेबल एटीएम: इस प्रकार के एटीएम के हार्डवेयर और एटीएम मशीन के पट्टे पर एक सर्विस प्रोवाइडर का ओनरशिप होता है, लेकिन बैंकिंग नेटवर्क के लिए कैश मैनेजमेंट और कनेक्टिविटी एक बैंक द्वारा प्रदान की जाती है।
  • ऑरेंज लेबल एटीएम: ये एटीएम शेयर ट्रांसक्शन के लिए प्रदान किए जाते हैं।
  • पिंक लेबल एटीएम: ये एटीएम केवल महिलाओं के लिए प्रदान किए जाते हैं।
  • ग्रीन लेबल एटीएम: ये एटीएम कृषि लेनदेन के लिए प्रदान किए जाते हैं।

एटीएम के बारे में रोचक तथ्य चलिए अब एटीएम के बारे में कुछ ऐसे रोचक तथ्य जानते हैं जिन्हें शायद आप न सुने होंगे।

  • एटीएम का आविष्कारक: जॉन शेफर्ड बैरोन।
  • एटीएम पिन नंबर: जॉन शेफर्ड बैरोन ने एटीएम के लिए 6 अंकों का पिन नंबर रखने के बारे में सोचा, लेकिन उनकी पत्नी के लिए 6 अंकों का पिन याद रखना आसान नहीं था, इसलिए उन्होंने 4 अंकों का एटीपी पिन नंबर तैयार करने का फैसला किया।
  • दुनिया का पहला फ्लोटिंग एटीएम: भारतीय स्टेट बैंक (केरल)।
  • भारत में पहला एटीएम: 1987 में एचअसबीसी (हांगकांग और शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन) द्वारा स्थापित।
  • दुनिया का पहला एटीएम: यह 27 जून 1967 को लंदन के बार्कलेज बैंक में स्थापित किया गया था।
  • एटीएम का उपयोग करने वाला पहला व्यक्ति: प्रसिद्ध कॉमेडी अभिनेता रेग वर्नी एटीएम से कैश निकालने वाले पहले व्यक्ति थे।
  • बिना अकाउंट के एटीएम: रोमानिया में, जो कि एक यूरोपीय देश है, कोई भी व्यक्ति बैंक खाते के बिना एटीएम से पैसे निकाल सकता है।
  • बायो मीट्रिक एटीएम: ब्राजील में बायोमेट्रिक एटीएम का उपयोग किया जाता है। जैसा कि नाम से पता चलता है, उसेर्स को पैसे निकालने से पहले इन एटीएम पर अपनी उंगलियों को स्कैन करना आवश्यक है।

इसे भी पढ़े: तमिल, तेलुगू, मलयालम, हॉलीवुड ड्यूल ऑडियो मूवी डाउनलोड इन एनी प्रिफर्ड लैंग्वेज फ्री।

आज आपने क्या सीखा मुझे उम्मीद है: की आपको मेरी यह लेख एटीएम का फुल फॉर्म क्या है जरुर पसंद आई होगी। मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की रीडर्स को एटीएम फुल फॉर्म इन हिंदी के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे साइट्स या इंटरनेट में उस आर्टिकल के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है।

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी इनफार्मेशन भी मिल जायेंगे। यदि आपके मन में इस आर्टिकल को लेकर कोई भी प्रॉब्लम हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच कमैंट्स लिख सकते हैं।

यदि आपको यह पोस्ट एटीएम का फुल फॉर्म क्या होता है पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को सोशल नेटवर्क्स जैसे कि: फेसबुक, ट्विटर और दुसरे सोशल मीडिया साइट्स शेयर कीजिये।

Sagar Biswashttps://24hindi.in
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