Graphic Designing – ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है और ग्राफ़िक डिज़ाइनर कैसे बने? पूरी जानकारी हिंदी में।

नमस्कार दोस्तों, इस आर्टिकल में हम जानेगे की ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है, ग्राफ़िक डिज़ाइनर कैसे बने? ग्राफ़िक डिज़ाइन जॉब्स, ग्राफ़िक डिज़ाइन करियर।

आज का समय डिजिटल मीडिया का समय है। जहां हम अपनी बात को किसी इमेज, गिफ्ट या पिक्चर में कहना ज्यादा पसंद करते है। आज हम व्हाट्सप्प, फेसबुक, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर बात करते समय टेक्स्ट मे कम और इमेजेज, गिफ्ट या इमोजी में ज्यादा बात करते है। इस तरह हम अपनी बात को बड़ी आसानी से सामने वाले को समझा देते है। अगर मुझे ख़ुशी जाहिर करनी है तो मैं एक लौगिग फेस भेज कर अपनी बात को आसानी से समझा सकता हूँ की मैं खुश हूँ।

लेकिन क्या आप ने सोचा है जो इमेज, गिफ, पिक्चर या इमोजी हम सेंड करते है अपने दोस्तों या किसी को भी वो कैसे बनते है।

तो यह सब ग्राफ़िक डिज़ाइन के द्वारा संभव हो पाता है। और जो यह सब डिज़ाइन करते है उन्हें ग्राफ़िक डिज़ाइनर कहते है।

आप अपने चारो तरफ ग्राफ़िक डिज़ाइन के जैसे की आसानी से देख सकते है, जैसे रोड या हाइवेज पर लगे हुए बैनर, मूवीज पोस्टर, टी-शर्ट्स पर डिज़ाइन, कॉफ़ी मग पर आपकी पिक्चर, फेस्टिवल्स होली, दिवाली, न्यू ईयर, क्रिसमस पर भेजे जाने वाले स्टिकर्स या विशिंग इमेजेज, किसी कंपनी का लोगो, विसुअल प्रेजेंटेशन, पी पी टी। यह सब ग्राफ़िक डिज़ाइन के द्वारा ही संभव हो पाती है।

ग्राफ़िक डिज़ाइन एक कला है। जिस तरह डांस करना, एक्टिंग करना या गिटार बजाना एक कला है उसी तरह ग्राफ़िक डिजाइनिंग भी एक कला या स्किल है। जहाँ आपको अपने डिज़ाइन के द्वारा अपनी बात सामने वाले को समझानी होती है।

क्या आपको भी ड्रॉयिंग बनाना, पेंटिंग बनाना या इमेजेज ड्रा करना पसंद है लेकिन यह नहीं जानते की ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है, करियर इन ग्राफ़िक डिज़ाइन या ग्राफ़िक डिज़ाइनर कैसे बने तो इस आर्टिकल को शुरू से लेकर अंत तक ज़रूर पढ़ें।

ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है:

ग्राफ़िक डिज़ाइन एक क्रिएटिव फिल्ड है। जहाँ आपको अपनी क्रिएटिविटी से इमेज, टेक्स्ट, सिंबल, कलर और शेप का यूज़ करके डिज़ाइन तैयार करना होता है। और उस डिज़ाइन के ज़रिये अपने विएवेर्स या ऑडियन्स को मैसेज देना होता है।

ग्राफ़िक डिज़ाइन इमेज, टेक्स्ट, कलर या शेप के द्वारा विएवेर्स से कम्यूनिकेट करने का एक तरीका है। ग्राफ़िक डिज़ाइन को आप कम्युनिकेशन डिज़ाइन या विसुअल कम्युनिकेशन आर्ट भी कह सकते है। ग्राफ़िक डिज़ाइन में आप लोगो, पोस्टर, पैम्फलेट, पैकेज डिजाइनिंग, फ्लायर, वेबसाइट डिज़ाइन, ब्लॉग डिज़ाइन, टी-शर्ट डिज़ाइन आदि काम करते है।

अब इन डिज़ाइन को क्रिएट करने के लिए सॉफ्टवेयर की ज़रूरत होती है जिन्हे ग्राफ़िक डिज़ाइन सॉफ्टवेयर कहते है।

इन सॉफ्टवर्स की मदद से आप डिज़ाइन को क्रिएट, एनहान्स, रेतोच, ड्रा, मॉडिफाई और भी अन्य काम बड़ी आसानी से कर सकते है।

आज के डिजिटल समय में ग्राफ़िक डिज़ाइनर की बहुत डिमांड है। प्रिंट मीडिया से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, कॉर्पोरेट हाउस, फिल्म इंडस्ट्री हर जगह ग्राफ़िक डिज़ाइनर का काम होता है।

ग्राफ़िक डिज़ाइनर क्या होता है और वो क्या काम करता है:

ग्राफ़िक डिज़ाइनर का काम होता है ग्राफ़िक्स और विसुअल कॉन्सेप्ट्स क्रिएट करना हाथ से या किसी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद से, और अपने विएवेर्स और ऑडियंस को कोई मैसेज देना या इन्फ्रोम करना।

अब अपने ये तो सूना हो होगी की एक पिक्चर सौ शब्द बयाँ करती है। बस यही काम एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर का होता है जहा उसे बिना बोले अपने डिज़ाइन के माधयम से लोगों तक अपनी बात पहुँचानी होती है।

अब ग्राफ़िक डिज़ाइनर इमेजेज, शपेस, कलर, टाइपोग्राफी का यूज़ करके डिज़ाइन तैयार करते है। और लेआउट और प्रोडक्शन डिज़ाइन रिपोर्ट क्रिएट करते है फॉर अद्वेर्तिसेमेन्ट, ब्रोचर, रिपोट, पी पी टी।

ग्राफ़िक डिज़ाइनर बहुत से काम करते है जैसे लोगो डिज़ाइन, वेबसाइट डिज़ाइन, ब्लॉग डिज़ाइन, रिपोर्ट्स, प्रेजेंटेशन, बैनर डिज़ाइन, पोस्टर डिज़ाइन, पैकेजिंग डिज़ाइन, इलस्ट्रेशन, इमेज ड्राइंग, इमेज एन्हान्सिंग, इमेज रेतोचिंग फोटोग्राफी, करैक्टर डिज़ाइन, इत्यादि।

ग्राफ़िक डिज़ाइनर का काम:

ग्राफ़िक डिज़ाइनर का काम होता है अपने क्लाइंट्स और ऑर्गनिज़तिओन्स की ज़रुरत को समझना। और यह जानना की क्लाइंट अपनी ऑडियंस या विएवेर्स को क्या बताना चाहता है। डाटा अनलयसे करना, क्लाइंट्स की रिक्वायरमेंट्स को समझना, क्लाइंट्स ऑडियंस को जानना यह सब काम भी ग्राफ़िक डिज़ाइनर की ही होता है।

अब ग्राफ़िक डिज़ाइनर सबसे पहले कुछ रॉ डिज़ाइन क्रिएट करता है। फिर ग्राफ़िक डिज़ाइन सॉफ्टवेयर की मदद से उन डिज़ाइन को क्रिएट किया जाता है। जब डिज़ाइन रेडी हो जाते है तो उसे क्लाइंट के पास रिव्यु या फाइनल चेकिंग के लिए भेजा जाता है। अगर क्लाइंट आपके द्वारा बनाये डिज़ाइन को फाइनल या अप्प्रोवे कर देता है तो उसे प्रिंट के लिये भेज दिया जाता है।

ग्राफ़िक डिज़ाइनर को यह पता होना चाहिये की क्लाइंट अपने विएवेर्स को क्या बताना चाहता है। इसे से ग्राफ़िक डिज़ाइनर को लोगो तक अपनी बात पहुँचाना बहुत इजी होता है।

ग्राफ़िक डिज़ाइनर कैसे बने:

अब यह सवाल आता है की ग्राफ़िक डिज़ाइनर कैसे बने। क्यूंकि किसी ग्राफ़िक डिज़ाइन सॉफ्टवेयर को सीखने मात्र से आप ग्राफ़िक डिज़ाइनर नहीं बन सकते है।

ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनने के लिये आपको क्रिएटिव होना ज़रूरी है। और क्रिएटिव होने के साथ-साथ आपकी इमेजिनेशन पावर और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल भी अच्छी होनी चाहिये।

क्यूंकि जब आप किसी कंपनी, आर्गेनाइजेशन या क्लाइंट के लिये काम करते है तो उनकी पहचान या कंपनी ब्रांडिंग काफी इम्पोर्टेन्ट होती है। अब कंपनी, आर्गेनाइजेशन या क्लाइंट के लिए क्रिएटिव आईडिया फंड करना ही ग्राफ़िक डिज़ाइनर का काम होता है।

अगर आप भी क्रिएटिव है या आपको इमेजेज ड्रा करना, ड्राइंग बनाना, स्केचेस बनाना पसंद है तो आप ग्राफ़िक डिज़ाइन में एक अच्छा करियर बना सकते है। इसके लिए सबसे पहले आपको किसी भी स्ट्रीम में 12th पास होना चाहिये। इसके बाद आप कोई डिप्लोमा ग्राफ़िक डिज़ाइन सर्टिफिकेट, बैचलर डिग्री जैसे की: बी ऑफ़ ऐ (बैचलर ऑफ़ फाइन आर्ट्स), मास्टर डिग्री भी ले सकते है। आज के समय में अनेक कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में ग्राफ़िक डिज़ाइन रिलेटेड कोर्सेज अवेलेबल है।

करियर इन ग्राफ़िक डिज़ाइन:

आज का समय डिजिटल मीडिया का समय है जहाँ ग्राफ़िक डिजाइनिंग और विसुअल आर्ट्स का यूज़ ज्यादा होने लगा है। अब प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एड्स एजेंसी, फिल्म्स इंडस्ट्री, गेमिंग इंडस्ट्री, डिजिटल एजेंसी, कॉर्पोरेट हाउस, कम्पनीज, ऑफिसेस, इ-कॉमर्स, यू आई/यू एक्स डिज़ाइनर हर जगह ग्राफ़िक डिज़ाइन का काम होता है।

यहाँ ग्राफ़िक डिज़ाइन से रिलेटेड कुछ कोर्सेज के बारे में बताया गया है. जिन्हे करके आप ग्राफ़िक डिज़ाइन फिल्ड में अपना करियर बना सकते है।

इसे भी पढ़ें: ऑनलाइन कैसे पढ़े और सबसे अच्छी वेबसाइट कौन सी है पूरी जानकारी हिन्दी में।

ग्राफ़िक डिज़ाइन कोर्सेज:

डिग्री और डिप्लोमा कोर्सेज: ग्राफ़िक डिजाइनिंग के लिये आप 1 साल का डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते है। जहाँ 12वी के बाद अप्लाई लकर सकते है। लेकिन यह ध्यान रखे की कुछ इंस्टीटुए या कॉलेजेस में मेरिट के आधार पर ही एडमिशन दिया जाता है।

  • Advance Diploma in Graphic Design
  • Post Graduate Diploma Programme in Design
  • Diploma in Graphic Design
  • Certificate Course in Graphic Design
  • Advertising and Visual Communication

बैचलर डिग्री कोर्सेज: ग्राफ़िक डिज़ाइन के सभी बैचलर्स डिग्री कोर्सेज 3-4 साल तक के होते है। आप 12वी के बाद किसी भी डिग्री कोर्स में अप्लाई कर सकते है।

  • Bachelor’s in Fine Arts
  • Bachelor of Design (B. Des)
  • Bachelor of Science in Graphic Design
  • BA in Design

मास्टर डिग्री कोर्सेज:

अगर आप ग्राफ़िक डिजाइनिंग में मास्टर कोर्स करना चाहते है तो आपके पास शामे स्ट्रीम में बैचलर डिग्री होना ज़रूरी है। ग्राफ़िक डिज़ाइन में मास्टर कोर्स 2 साल का होता है।

  • Master of Arts in Graphic Design
  • Master of Design in Graphic Design
  • Doctoral Courses
  • Doctoral Programm in Graphic Design
  • Top Colleges & Institue For Graphic Design
  • National Institue of Design, New Delhi
  • Indian Institue of Technology (IIT), Kanpur
  • Industrial Design Center (IIT Bombay)
  • Symbiosis Institue of Design, Pune
  • National Institue of Design, Ahmedabad
  • Pearl Academy, Delhi
  • Maya Academy, Pune
  • Arena Animation, New Delhi
  • TGC Animation and Multimedia
टॉप एंट्रेंस एक्साम्स फॉर ग्राफ़िक डिज़ाइन:

इंडिया मे,बहुत से ऐसे कॉलेजेस और यूनिवर्सिटीज है जो मेरिट लिस्ट पर ही स्टूडेंट्स को एडमिशंस देते है। अब इन कॉलेजेस और यूनिवर्सिटीज में एडमिशंस के लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम पास करना होता है। आप AIEED 2020 (आल इंडिया एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिज़ाइन) एंट्रेंस एग्जाम देकर अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज में अप्लाई कर सकते है। इनके अलावा भी कुछ एंट्रेंस एग्जाम है जिनके लिए आप अप्लाई कर सकते है।

  • NID Entrance Exam
  • UCEED Entrance Exam
  • CEED Entrance Exam
  • Symbiosis Entrance Exam

1. एनआईडी एन्ट्रन्स एग्जाम: एनआईडी (नेशनल एंट्रेंस एग्जाम) एक नेशनल एग्जाम है। जहाँ आप बैचलर इन डिज़ाइन (बी डिज़ाइन), मास्टर इन डिज़ाइन (ऍम डिज़ाइन ) और ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रोग्रमम इन डिज़ाइन (जीडीपीडी) में एडमिशन के लिये अप्लाई कर सकते है। एनआईडी एंट्रेंस एग्जाम दो फेज में होता है। नीद एंड एनआईडी। एनआईडी एंट्रेंस एग्जाम क्लियर होने के बाद स्टूडेंट्स को एनआईडी कैंपस गुजरात, कुरुक्षेत्र, अहमदाबाद, बंगलोरे, और विजयवाड़ा में एडमिशन दिया जाता है। एडमिशन, एंट्रेंस एग्जाम, रिजल्ट जैसी जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे।

2. यूसीईईडी एंट्रेंस एग्जाम: यूसीईईडी एंट्रेंस एग्जाम नेशनल एग्जाम है। जहाँ इंडियन और फॉरेन नेशनल स्टूडेंट्स दोनों अप्लाई कर सकते है। यह एग्जाम आईआईटी (इंडियन इंस्टीटुए ऑफ़ बॉम्बे) बॉम्बे द्वारा कंडक्ट कराया जाता है। यह 3 घंटे का ऑनलाइन एंट्रेंस एग्जाम होता है। जहाँ आप बैचलर इन डिज़ाइन में एडमिशन के लिए अप्लाई कर सकते है। ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे।

3. सीईईडी एंट्रेंस एग्जाम: सीईईडी (कॉमन एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिज़ाइन) एंट्रेंस एग्जाम के द्वारा आप मास्टर इन डिज़ाइन और पीअच्डी। में एडमिशन के लिए अप्लाई कर सकते है। यह नेशनल एंट्रेंस एग्जाम हर साल आईआईटी बॉम्बे द्वारा कंडक्ट कराया जाता है। सीईईडी एंट्रेंस एग्जाम दो पार्ट में होता है। सीईईडी प्रीलिम्स और सीईईडी मैन। सीईईडी एंट्रेंस एग्जाम देने के लिए कोई ऐज लिमिट नहीं है।ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे।

4. सिम्बायोसिस एंट्रेंस एग्जाम: सिम्बायोसिस एंट्रेंस एग्जाम यूनिवर्सिटी लेवल एग्जाम है। जो हर साल सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी द्वारा यूजी और इंटीग्रेटेड कोर्सेज में एडमिशन के लिए कंडक्ट कराया जाता है। 2018 में हुए बदलाव के बाद इस एंट्रेंस एग्जाम में 4 डिफरेंट पेपर्स होते है। सिम्बायोसिस एंट्रेंस एग्जाम/सिम्बायोसिस लॉ एडमिशन टेस्ट/सिम्बायोसिस एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिज़ाइन/सिम्बायोसिस एंट्रेंस एग्जाम फॉर इंजीनियरिंग। यह 2:30 घंटे का ऑनलाइन एंट्रेंस एग्जाम होता है। ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे।

ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्सेज:

इंटरनेट पर बहुत से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध जहाँ आप ऑनलाइन ग्राफ़िक डिज़ाइन सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते है। इन कोर्स की समय 1 महीना से 6 महीना तक होती है। इन सर्टिफिकेट कोर्सेज को करने के बाद आप फ्रीलांसिंग जॉब भी कर सकते है और ऑनलाइन पैसे कमा सकते है। इंटरनेट पर कुछ ऑनलाइन वेब्सीटेस है जो ऑनलाइन ग्राफ़िक डिज़ाइन सर्टिफिकेट कोर्स कराती है।

  • Udemy
  • Skillshare
  • Coursera
  • Alison
  • Edx
  • Khan Academy

इनके अलावा आप फ्री में यूट्यूब से भी ऑनलाइन ग्राफ़िक डिज़ाइन सीख सकते है।

  • Adobe
  • Envato Tuts+
  • 99 design
  • CreatenProcess
  • PixiImparfect
  • Satori Graphics
  • PHLearn
  • Vector Slate

ग्राफ़िक डिज़ाइनर रिलेटेड टर्म्स:

ग्राफ़िक डिज़ाइन में कुछ ऐसी टर्म्स होती है जैसे हर ग्राफ़िक डिज़ाइनर के लिए जानना ज़रूरी होता है। यह बेसिक टर्म्स ही आपको एक स्किल्ड और प्रोफेशनल ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनाती है।

  • Typography
  • Photography & artwork
  • Resolution
  • Composition
  • Pixels
  • White Space
  • Alignment
  • Proximity
  • Image Types Vector/Raster
  • Image Types (Jpeg, Png, Tiff, Gif, Psd, Eps, SVG)
  • Color Mode (RGB/CMYK/Greyscale)
  • Aspect Ratio

यह कुछ टर्म्स जिनके द्वारा आप अपने डिज़ाइन को और अट्रैक्टिव, इम्प्रेससिवे और एई-काट्चिंग बना पाते है।

की स्किल्स फॉर ग्राफ़िक डिज़ाइनर:

एक अच्छे ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनने के लिए आप में कुछ स्किल्स होनी चाहिये जो आपको एक प्रोफेशनल और स्किल्ड ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनाती है।

  • स्ट्रांग ग्राफ़िक डिज़ाइन स्किल:
  • आपको क्रिएटिविटी और इनोवेशन होना चाहिये।
  • आप में प्रॉब्लम-सॉल्विंग और इमेजिनेशन जैसी स्किल्स होनी चाहिये।
  • टाइम मैनेजमेंट और चीज़ो को ओर्गनइजे करना।
  • आपके काम में एक्यूरेसी और चीज़ों को परख होनी चाहिये।
  • लेआउट स्किल्स
  • डेस्कटॉप पब्लिशिंग टूल्स और ग्राफ़िक डिज़ाइन सॉफ्टवेयर की अच्छी जानकारी।
  • लेटेस्ट ट्रेंड्स के बारे में पता होना चाहिये जैसे लेटेस्ट ग्रेडिएंट्स, फोंट्स, डिज़ाइन, टेक्निक्स, सॉफ्टवर्स।
  • प्रोफेशनल अप्प्रोच होनी चाहिये अपने काम, टाइम, कॉस्ट्स और डेडलिनेस को लेकर।
  • कम्युनिक्शन स्किल
  • ग्राफ़िक डिजाइनिंग सॉफ्टवर्स टूल्स

अब ग्राफ़िक्स को क्रिएटिव और अट्रैक्टिव बनाने के लिए कुछ सॉफ्टवर्स की ज़रुरत होती है। जिन्हे ग्राफ़िक डिज़ाइन सॉफ्टवेयर कहते है। अब एक स्किल्ड और प्रोफेशनल ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनने के लिए आपको ग्राफ़िक डिज़ाइन सॉफ्टवर्स की भी अच्छी नॉलेज होनी चाहिये। ये कुछ बेस्ट ग्राफ़िक डिज़ाइन सॉफ्टवर्स है। जो ग्राफ़िक डिज़ाइनर द्वारा यूज़ किये जाते है।

  • Adobe Illustrator
  • Adobe Photoshop
  • Adobe After Effects
  • Adobe Xd
  • Adobe Indesign
  • Affinity Designer
  • Sketch
  • Coral Draw
  • Inkspace
  • GIMP
  • Canva
दा बेस्ट फ्री ग्राफ़िक डिज़ाइन सॉफ्टवर्स:
  • Gravit Designer
  • Inkspace
  • Canva
  • Photo Pos Pro

इसे भी पढ़ें: टॉप 5 तरिके जिसे आप किसी भी लैंग्वेज को हिंदी में ट्रांसलेट करें?

ग्राफ़िक डिज़ाइन जॉब्स:

डिजिटल मीडिया के दौर में ग्राफ़िक्स और विसुअल आर्ट्स का यूज़ बहुत तेजी से बढ़ रहा है। अब हर इंडस्ट्री अपने यूजर और ऑडियंस से कम्यूनिकेट करने के लिए विसुअल आर्ट्स का यूज़ करते है। आप टीवी पर आने वाले एड्स को देख सकते है जहाँ पर आजकल मोशन ग्राफ़िक्स, स्टिल इमेजेज, कार्टून करैक्टर का यूज़ ज्यादा होता है। आज के समय में हर सेक्टर में स्किल्ड और प्रोफेशनल ग्राफ़िक डिज़ाइनर की डिमांड है। यह कुछ ग्राफ़िक डिज़ाइन-रिलेटेड सेक्टर्स:

  • Publishing House
  • Advertising Agency
  • Media House (Print & Electronic)
  • Retail
  • Software
  • Television & Broadcasting
  • Packaging
  • Branding
  • Gaming
  • Film Industry
  • Fashion Industry
  • Management, Scientific & Technical Consulting Service

ग्राफ़िक डिज़ाइनर प्रोफाइल्स:

ग्राफ़िक डिज़ाइनर सेक्टर में ग्राफ़िक डिज़ाइनर के कुछ प्रोफाइल्स होते है जिन पर वो काम करते है।

  • Creative Director
  • Art Director
  • Design Professional
  • Brand Identity Designer
  • Design Consultant
  • Logo Designer
  • Sketch Artist
  • Layout Editor
  • Layout Artist
  • Senior Graphic Designer
  • Junior Graphic Designer
  • Color Artist

अब एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर कई तरह से काम करके पैसे कमा सकता है। अब यह आप पर डिपेंड ऑन करता है की आप किस तरह से अपना “ग्राफ़िक डिज़ाइन करियर” बनाना चाहते है। आप जॉब करके या फ्रीलांसिंग करके भी अपना करियर शुरू कर सकते है।

लेकिन जॉब या फ्रीलांसिंग स्टार्ट करने से पहले कुछ बातें है जो आपको पता होनी चाहिये। जैसे आपका ऑनलाइन पोर्टफोलिओ होना चाहिये। कुछ वेब्सीटेस है जहाँ आप ऑनलाइन पोर्टफोलियो बना सकते है।

1. जॉब: आप किसी ऑफिस में 9 to 5 की जॉब करके अपना ग्राफ़िक डिज़ाइन करियर शुरू कर सकते है। किसी भी ऑफिस काम करते हुए आप बहुत सी बारीक़ चीज़ों को सीखते है जो आपके करियर के लिए बहुत हेल्पफुल होती है।

2. फ्रीलांसिंग: जब आपके पास ग्राफ़िक डिजाइनिंग में कुछ साल का एक्सपीरियंस हो जाता है तो आप फ्रीलांसिंग ग्राफ़िक डिजाइनिंग भी कर सकते है। आप पार्ट टाइम और फुल टाइम दोनों तरह से फ्रीलांसिंग कर सकते है। इसके लिए कुछ फ्रीलांसिंग वेब्सीटेस है जहाँ आप फ्रीलांसिंग कर सकते है।

3. फ़ीवरर: फ़ीवरर एक ऑनलाइन प्लेटफार्म है जहाँ आप अपनी गिग के अकॉर्डिंग टू ग्राफ़िक डिज़ाइन जॉब कर सकते है। यहाँ आपको लोगो डिज़ाइन, इलस्ट्रेशन, मोशन ग्राफ़िक, स्केचिंग, ड्राइंग जैसे डिजाइनिंग वर्क है।

4. अपवर्क: अपवर्क भी एक फेमस फ्रीलांसिंग साइट है। यहाँ आप बुक कवर डिज़ाइन, लेआउट डिज़ाइन, इमेज रेतोचिंग, इमेज-एन्हान्सिंग और भी अन्य ग्राफ़िक डिज़ाइन रिलेटेड जॉब कर सकते है।

5. पीपल पर ऑवर: पीपल पर ऑवर पर आप बैकग्राउंड रिमूवल, क्यूऑर कोड जनरेटर, पोस्टर डिज़ाइन, बैनर डिज़ाइन, इंस्टाग्राम स्टोरीज आदि काम कर सकते है।

6. फ्रीलांसर: यह भी एक फ्रीलांसिंग साइट है। यहाँ पर भी आप ग्राफ़िक डिजाइनिंग रिलेटेड प्रोजेक्ट्स कर सकते है। लोगो डिज़ाइन, इमेज क्रिएशन, कलरिंग, पी पी टी डिज़ाइन, रिज्यूमे डिज़ाइन, इत्यादि।

7. तिसप्रिंग: यह एक इ-कॉमर्स साइट है। यहाँ पर टी-शर्ट डिज़ाइन कर के इनकी इ-कॉमर्स साइट पर सेल्ल कर सकते है।

8. 99 डिज़ाइन: यहाँ आप अपने डिज़ाइन बनाकर सेल्ल कर सकते है।

तो आज आपने क्या सीखा: इस आर्टिकल में हमने आपको बताया की ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है? ग्राफ़िक डिज़ाइनर कैसे बने, करियर इन ग्राफ़िक डिज़ाइन।

अगर आप भी क्रिएटिव है और आपको डिजाइनिंग करना पसंद है तो ग्राफ़िक डिज़ाइन अच्छा करियर हो सकता है। आशा करता हूँ आपको यह आर्टिकल ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है पसंद आया होगा।

आपको इस आर्टिकल ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है से रिलेटेड कोई भी सवाल या सुझाव है तो आप हमे कमेंट कर के भी बता सकते है।

Sagar Biswashttps://24hindi.in
Sagar Biswas is the Chief Seo Expert and the Founder of ‘24Hindi’. He has a very deep interest in all current affairs topics whatsoever. Well, he is the power of our team and he lives in Surat. Who loves to be a self dependent person.

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