Plagiarism – प्लगियरीसम क्या है इसको कैसे यूज़ करें पूरी जानकारी हिन्दी में।

प्लगियरीसम क्या है इसको कैसे यूज़ करें: किसी को भी डुप्लीकेट और प्लगियरीज़ेड कंटेंट पसंद नहीं है, वो चाहे कोई स्कॉलर हो या फिर कोई ब्लॉगर। इसलिए लोग ऑनलाइन प्लगियरीसम चेकर ढूंढते है। ऐसा इसलिए क्यूंकि एक प्लगियरीसेड कंटेंट में कभी भी ओरिजिनालिटी देखने को नहीं मिलती, जिस कारण से इसे एक ऑथेंटिक कंटेंट नहीं कहाँ जा सकता है। ऐसे में अगर आप एक ब्लॉगर हो तब तो गूगल आपके इस प्रकार के कंटेंट को पूरी तरह से रिजेक्ट कर देता है।

अब सवाल आता है की तब कैसे ये चेक करें। की कोई कंटेंट प्लगियरीज़ेड है भी या नहीं। तब आपको बता दूँ की इंटरनेट में ऐसे बहुत से फ्री और पैड प्लगियरीसम चेकर टूल्स उपलब्ध हैं जिससे की आप इंग्लिश और हिन्दी कंटेंट वेरीफाई कर सकते हैं। आज के इस आर्टिकल हिंदी ब्लॉग के लिए बेस्ट फ्री प्लगियरीसँ चेकर फॉर हिन्दी टेक्स्ट में हम ऐसे फ्री प्लगियरीसँ टूल्स के विषय में जानेंगे जिनका इस्तमाल आप अपने ब्लॉग या कोई कंटेंट में कर सकते हैं। तो फिर चलिए शुरू करते हैं।

प्लगियरीसम क्या है:

उदाहरण के तोर पर, यदि आप कोई ऐसा कंटेंट लिख रहे हैं अपने ब्लॉग पर जिसके लिए आप कुछ आइडियाज दुसरे पॉपुलर ब्लोग्स से ले रहे हैं, तो ऐसे में यदि आप बिना कोई रिफरेन्स दिए या क्रेडिट दिए ऐसा करते हैं तब ये प्लगियरीसँ कहलाएगी। यदि आप ऐसा करते हैं तब वहाँ पर आपने प्लगियरीसम किया है।

मैंने ऐसे बहुत से ब्लोग्गेर्स को देखा है जो की अलग अलग ब्लॉग से आइडियाज लेते हैं और उन्हें अपने ढंग से लिखते हैं तब ये भी एक प्रकार का प्लगियरीसम होता है। ऐसे में यदि आप ब्लॉग्गिंग को लेकर सीरियस हैं तब आपको ये सभी चीज़ें नहीं करनी चहिये। बल्कि आप अपने हिसाब से अपनी सोच के अनुसार चीज़ों को करने के ऊपर ध्यान दें। प्लगियरीसम क्या है इसको कैसे यूज़ करें पूरी जानकारी हिन्दी में।

प्लगियरीसम चेकर क्या है:

प्लगियरीसम चेकर एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो की ऑनलाइन उपलब्ध होता है और इसकी मदद से आप कोई भी डॉक्यूमेंट को चेक कर सकते हैं ये देखने के लिए की वो डुप्लीकेट या प्लगियरीसेड कंटेंट है या नहीं।

यहाँ पर ये चेकर अक्सर पुरे इंटरनेट को स्कैन करते हैं ये धुंडने के लिए की क्या कोई फ्रांसेस, टर्म्स या कोट्स समान तो नहीं है। वही कुछ प्लगियरीसम चेकर तो बहुत ही ख़ास होते हैं जो की बोर्डिंग में समानता भी खोज लेते हैं जिससे आप ये बता सकते हैं की आपके आर्टिकल को किसी ने इस्तमाल किया है या आपने किसी के आर्टिकल का इस्तमाल किया हुआ है।

इसे भी पढ़ें: डिजिटल मार्केटिंग क्या है और कैसे शुरू करें पूरी जानकारी हिन्दी में।

प्लगियरीसम चेकर का इस्तमाल क्यूँ किया जाता है:

प्लगियरीसम चेकर्स का इस्तमाल लिखे हुए आर्टिकल की ओरिजिनालिटी को चेक
करने के लिए की जाती है। इसे इस्तमाल करने पर आप आसानी से क्रॉस-चेक कर सकते हैं टेक्स्ट को डुप्लिकेटेड कंटेंट के लिए। डुप्लिकेटेड कंटेंट में शामिल हैं कोटेड मटेरियल, परफ्रासेड मटेरियल, वॉर्डिंग्स में समानता इत्यादि।

ये सभी चीज़ों को मैन्युअली करना असंभव है, इसलिए प्लगियरीसम चेकर्स का इस्तमाल किया जाता है ऐसे कार्यों को सहज करने के लिए. वहीँ आखिर में हमें एक ओरिजिनल पीस की कंटेंट प्राप्त हो।

हिन्दी प्लगियरीसम चेकर ऑनलाइन 2020:

वैसे तो आपको बहुत से फ्री प्लगियरीसम ऑनलाइन चेकर इस्तमाल करने के लिए मिल जायेंगे। लेकिन यहाँ पर हमने आपके लिए बेहतरीन फ्री प्लगियरीसम चेकर नो वर्ड लिमिट को लिस्ट किया हुआ है जिससे की आपको उन्हें खुदसे धुंडने की कोई जरुरत नहीं है। तो चलिए भी उन टूल्स के विषय में जानते हैं।

1. कोपीस्कापे: कोपीस्कापे एक बेहतरीन टूल है जो की फ्री सर्विस प्रदान करता है। वही इसका इस्तमाल कर आप आसानी से सर्च कर सकते हैं प्लगियरीसँ के लिए ऑनलाइन और साथ में किसी भी प्रकार की कंटेंट की चोरी होने का पता लगा सकते हैं।

इसमें केवल आपको टाइप करना होता है आपके ओरिजिनल कंटेंट के यूआरएल को, और कोपीस्कापे बाकि का काम खुद कर लेता है।

इसमें आप एक वेबसाइट की ज्यादा से ज्यादा 5 से 6 आर्टिकल्स ही चेक कर सकते हैं, जो की इस टूल की एक लिमिटेशन भी आप कह सकते हैं। वैसे आप गूगल ब्लॉगर में अपने आर्टिकल को कॉपी कर उसके यूआरएल को इसमें चेक कर सकते हैं। इससे ये एक नए यूआरएल के तरह काम करेगा। वही इसकी लिमिट ख़त्म होने के बाद आप फिर से एक नयी ब्लॉगर अकाउंट पर ठीक इसी तरीके का इस्तमाल कर सकते हैं।

वैसे तो कोपीस्कापे एक फ्री सर्विस हैं लेकिन ये साथ में ऑफर करता है प्रोफेशनल सर्विसेज भी ज्यादा एडवांस्ड कार्यों के लिए जिसके लिए वो कुछ चार्जेज भी लेता है। लेकिन एक हिन्दी ब्लॉगर के लिए फ्री सर्विस ही बहुत काफी होती है।

2. गूगल: गूगल का इस्तमाल भी प्लगियरीसम चेकर के तोर पर किया जा सकता है। बहुत से लोगों को शायद ये पता न हो लेकिन आप गूगल सर्च इंजन का भी इस्तमाल कर सकते हैं कंटेंट में डुप्लीकेसी चेक करने के लिए। ये टूल्स के तरह तो काम नहीं करता लेकिन काफ़ी चीज़ें आपके सामने ढूंडकर दिखा देता है।

इसमें आप अपने आर्टिकल के कुछ पैराग्राफ्स को चेक कर सकते हैं, जिसमें आपको बस उन्हें कॉपी कर गूगल सर्च में पेस्ट करना होता है और सर्च करना होता है। इससे गूगल आपको कोपिएड रिजल्ट्स दिखा देगा, लेकिन इसमें वो ये नहीं बताएगा की कितनी % आपकी कॉपी की गयी है इत्यादि।

आप कोई भी भाषा के आर्टिकल्स गूगल में चेक कर सकते हैं प्लगियरीसम के लिए।

इसे भी पढ़ें: गूगल क्या है और गूगल से पैसे कैसे कमाए पूरी जानकारी हिंदी में।

3. केटेक्सट: केटेक्सट एक बेहतरीन ऑनलाइन प्लगियरीसम चेक करने के लिए हिंदी और इंग्लिश आर्टिकल के लिए। इसका फ्री वर्शन भी काफ़ी अच्छा है लेकिन उसकी भी कुछ लिमिटेशन हैं। आप चाहें तो इसका पैड वर्शन भी इस्तमाल कर सकते हैं।

इस टूल का यूजर इंटरफ़ेस बहुत ही बढ़िया है और साथ में इसे इस्तमाल करना भी उतना ही आसान है। इसमें आपको सभी सिमिलरटीज अन-डेरलीनेड की हुई मिलेंगी और इसके अलावा भी प्लगियरीसम परसेंटेज भी डिस्प्ले किया गया मिलेगा। केटेक्सट एक सेफ प्लगियरीसम चेकर है इस्तमाल करने के लिए।

4. प्लगियरीसम डिटेक्टर: प्लगियरीसम डिटेक्टर एक बहुत ही हिन्दी प्लगियरीसम चेकर टूल है इंटरनेट में, और सबसे बढ़िया बात ये पूरी तरह से फ्री या !

सुनने में आपको आश्चर्य लगे लेकिन ये सही है की ये बेस्ट फ्री प्लगियरीसम चेकर टोटली फ्री है। मतलब की इस टूल का इस्तमाल करने के लिए आपको किसी भी प्रकार का भुकतान नहीं करना पड़ता है। बस इसमें आपको अपने कंटेंट को कॉपी और पेस्ट करना होता है।

इस प्लगियरीसम चेकर सॉफ्टवेयर में आपको डीप और थोरौघ चेक करने का भी विकल्प मिलता है। जिससे की आपको कुछ एक्स्ट्रा लेवल्स की प्लगियरीसँ सर्च और एडिशनल रिजल्ट डिटेल्स प्राप्त होती हैं।

नोट: ये इन सभी प्लगियरीसेड टूल्स में से सबसे बेस्ट हैं, वही आप फ्री में इसमें बहुत ही बढ़िया ढंग से अपने कंटेंट्स को चेक कर सकते हैं।

5. सर्च इंजन रिपोर्ट्स: सर्च इंजन रिपोर्ट्स भी एक बेहतरीन प्लगियरीसम चेकर है। इसका मुख्य कारण यह है की ये इस्तमाल करता है गूगल एक्सएक्ट सर्च की, जिसका मतलब की प्रत्येक इंडिविजुअल सेंटेंस को सर्च किया जाता है गूगल में ये देखने के लिए की किसी प्रकार की मैचिंग सोर्स तो नहीं है।

ये टूल छोटे पैराग्राफ्स को चेक करने के लिए बेहतर है। लेकिन यदि आपको एक आर्टिकल को चेक करना है तब इसमें उतनी सुविधा आपको नहीं मिलेगी। वही इसमें आपको प्लगियरीज़ेड टेक्स्ट हाई लाइटेड भी नहीं मिलेगी।

6. डुप्ली चेकर: डुप्ली चेकर एक ऐसा ऑनलाइन सॉफ्टवेयर है जो की प्लगियरीसम को आसानी से डिटेक्ट करने में सक्षम है वो भी एकदम फ्री। इसका इस्तमाल कर आप अपने ब्लोग्स के आर्टिकल्स को आसानी से चेक कर सकते हैं।

वही इसका इस्तमाल करना भी काफी ज्यादा आसान है जो की आपको इंस्टेंट रिजल्ट्स (वीथिन सेकण्ड्स) प्रदान करता है। इसमें आप चाहें तो कंटेंट को कॉपी पेस्ट कर सकते हैं या उन्हें अपलोड भी कर सकते हैं।

रेगुलर इस्तमाल करने के लिए, बेहतर ये होगा की आप इसमें खुदको रजिस्टर कर लें जो की फ्री है। अन-रजिस्टर्ड उसेर्स को जहाँ केवल 1 फ्री सर्च डेली मिलता है वही रजिस्टर्ड उसेर्स डेली 50 सेअर्चेस कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: ईमेल मार्केटिंग क्या है और इसे कैसे काम करके पैसे कमाए?

आज आपने क्या सीखा:

ये थी कुछ बेहतरीन प्लगियरीसम क्या है इसको कैसे यूज़ करें (फ्री प्लगियरीसम चेकर ऑनलाइन के लिए)। आप अपने हिसाब से इन टूल्स का इस्तमाल कर सकते हैं। सभी प्लगियरीसम चेकर टूल के कुछ यूनिक फीचर्स होते हैं। साथ में उनके अपने ही एडवांटागेस और डिस-एडवांटागेस भी होते हैं।

खास इसलिए ही मैंने इतने सारे प्लगियरीसम चेकर फॉर हिंदी लैंग्वेज का लिस्ट बनाया हुआ है जिससे आपको इस्तमाल करने में सहजता हो सके। आप अपने ब्लॉग में कौन से टूल का इस्तमाल करते हैं और क्यूँ?

हमें कमैंट्स में अपने जवाब जरुर बताएं। मुझे उस विषय में जानने में बेहद खुशी होगी। यदि आपके मन में इस आर्टिकल को लेकर कोई भी डॉब्टस हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप निचे कमैंट्स लिख सकते हैं।

Sagar Biswashttps://24hindi.in
Sagar Biswas is the Chief Seo Expert and the Founder of ‘24Hindi’. He has a very deep interest in all current affairs topics whatsoever. Well, he is the power of our team and he lives in Surat. Who loves to be a self dependent person.

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