Insurance – इन्शुरन्स क्या होता हैं? जाने इन्शुरन्स कितने प्रकार के होते हैं और इन्शुरन्स करवाने के फायदे।

इन्शुरन्स यानी कि बीमा क्या होता हैं? इन्शुरन्स कितने प्रकार के होते हैं? अथवा इन्शुरन्स कराने से हमें क्या लाभ मिलता हैं? ऐसे कई सारे सवाल है जो शायद कभी ना कभी आपके मन में भी आते होंगे। आज हम इन्शुरन्स से संबंधित इन सभी सवालों पर चर्चा करने वाले हैं। दरअसल किसी कंपनी के द्वारा आपकी जान या माल के नुकसान व दुर्घटना होने पर आपकी तथा आपके परिवार को सहायता देने की जिम्मेदारी को ही बीमा कहा जाता है। इन्शुरन्स को आसान शब्दों में समझा जाए तो, आपके किसी भी प्रकार के नुकसान की भरपाई करना।

मान लीजिए आपने किसी चीज का बीमा करवाया है और उसमें आपका नुकसान हो जाता हैं तो आपको बीमा कंपनी उसका पूरा हर्जाना देती है। आजकल बाजार में ऐसी बहुत सी बड़ी-बड़ी कंपनिया मौजूद हैं जो इंश्योरेंस देती हैं। सभी इंश्योरेंस कंपनियों की अपनी अलग-अलग इन्शुरन्स पॉलिसी होती हैं। जब भी आप किसी चीज का इंश्योरेंस करवाते हैं तो उसका एजेंट आपको ये सभी पॉलिसी बता देता है उसमें आप चेक कर सकते हैं कि कौन सी बीमा योजना में आपको कितना लाभ मिलेगा। इसलिए कोई भी इंश्योरेंस कराने से पहले उसकी सभी कंडीशन जरूर जान लें।

इन्शुरन्स के फायदे? बीमा करवाने के लाभ:

बता दें, कि इंश्योरेंस करवाने के बहुत सारे लाभ होते हैं और अगर आपने अभी तक कोई बीमा नहीं करवाया है तो यकीन मानिए आप बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं क्योंकि बीमा करवाना आपके परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए बहुत आवश्यक हैं। भगवान ना करें कभी आपके साथ कोई दुर्घटना हो लेकिन फिर भी आपको बीमा जरूर करवाना चाहिए। ऐसा करके आप अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित व आर्थिक रूप से मजबूत बना सकते हैं। आज के समय में अगर आपको बीमा करवाना हो तो इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट खुद आपके घर पर आने के लिए तैयार होते हैं और आप उनसे इंश्योरेंस को लेकर विस्तार से सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

बीमा कितने प्रकार के होते है:

इन्शुरन्स कई प्रकार के होते हैं जैसे कि लाइफ इन्शुरन्स, होम इन्शुरन्स, ट्रेवल इन्शुरन्स, हेल्थ इन्शुरन्स, व्हीकल इन्शुरन्स, क्रॉप और फार्मर इन्शुरन्स और मोबाइल इन्शुरन्स इत्यादि। ये सब इंश्योरेंस के कुछ प्रकार हैं। नीचे इन सभी प्रकार के इंश्योरेंस के बारे में विस्तार से बताया गया है।

लाइफ इन्शुरन्स:

सबसे पहले बात करते हैं लाइफ इन्शुरन्स यानी कि जीवन बीमा की। इसका अर्थ होता हैं व्यक्ति की मृ’त्यु के पश्चात बीमा कंपनी द्वारा उस व्यक्ति के परिवार को पैसों के रूप में आर्थिक सहायता देना। अगर मान लिजिए किसी व्यक्ति ने अपना जीवन बीमा करवाया है और किसी कारणवश उस व्यक्ति की मृ’त्यु हो जाती हैं तो इंश्योरेंस कंपनी द्वारा उसके परिवार को एक निश्चित धनराशि दी जाती हैं जिससे उसके परिवार को मुश्किल वक्त में आर्थिक रूप से मदद मिलती है।

यह धनराशि कितनी होती हैं यह इस चीज पर निर्भर करता है कि उसने कितने पैसों का जीवन बीमा करवाया था। बता दें कि पूरे विश्व में सबसे ज्यादा कराये जाने वाले इंश्योरेंस में लाइफ इंश्योरेंस पहले स्थान पर है।

इसे भी पढ़े: लाइफ इन्शुरन्स क्या है और यह कितने टाइप्स के होते है?

होम इन्शुरन्स:

आप अपना घर बनाने के लिए लाखों रुपए खर्च करते हैं ऐसे में कुछ पैसे खर्च करके आपको अपने घर का इंश्योरेंस भी जरूर करवा लेना चाहिए। क्योंकि अगर आप अपने घर का इंश्योरेंस करवाते हैं तो घर पर किसी प्रकार का कोई नुकसान होने पर बीमा कंपनी इसकी भरपाई करती हैं। मान लीजिए किसी प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, भुकंप या आसमानी बिजली गिरने से आपके घर को किसी प्रकार की हानी पहुंचती है तो बीमा कंपनी इसके बदले आपको क्लेम देती हैं इसलिए आज के समय में होम इंश्योरेंस भी बहुत जरूरी है।

ट्रेवल इन्शुरन्स:

अगर आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं और देश विदेश में खूब यात्रा करते हैं तो आपको ट्रैवल इंश्योरेंस के बारे में जरूर पता होना चाहिए। दरअसल ट्रैवल इंश्योरेंस आपको यात्रा के दौरान शारीरिक या आर्थिक नुकसान के लिए सुरक्षा प्रदान करता है। अगर आप ट्रैवल इंश्योरेंस करवाकर यात्रा करते हैं तो आपको बीमा कंपनी की तरफ से कई प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं जैसे मान लीजिए यात्रा के दौरान आपके साथ कोई दुर्घटना हो जाती हैं या फिर आपका कोई कीमती सामान चोरी हो जाता हैं इसके अलावा अगर आपकी फ्लाइट कैंसिल हो जाती हैं तो ऐसे मामलों में इंश्योरेंस कंपनी आपके नुकसान का पूरा खर्चा उठाती हैं। तो अब आप समझ गए होंगे कि यात्रा बीमा कितना महत्वपूर्ण हैं।

इसे भी पढ़े: कार इन्शुरन्स क्या है और इसके प्रकार और फायदे है?

हेल्थ इन्शुरन्स:

हेल्थ इंश्योरेंस के तहत व्यक्ति के बीमार होने पर उसके इलाज पर होने वाला सारा खर्च बीमा कंपनी उठाती हैं। ये बात तो आप सभी जानते हैं कि आजकल के खराब खान-पान के चलते इंसान कब बीमार हो जाए यह कोई नहीं जानता इसके अलावा किसी दुर्घटना या कोई बड़ा रोग होने पर उसकी सर्जरी के लिए डॉक्टरों को लाखों रुपए देने पड़ जाते हैं ऐसे में अगर आपने हेल्थ इंश्योरेंस करवा रखा है तो इंश्योरेंस कंपनी आपके हॉस्पिटल का बिल, ऑपरेशन का खर्च व दवाइयों का भुगतान करने में मदद करती हैं।

बीमारी पर खर्च होने वाले पैसों की लिमिट आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी पर निर्भर करती हैं कि आपने कितने रुपए का बीमा करवाया है। आप अपनी आमदनी के हिसाब से स्वास्थ्य बीमा करवा सकते हैं।

ऑटो मोबाइल अथवा वाहन इन्शुरन्स:

जब भी आप कोई नया या पुराना वाहन खरीदते हैं जैसे एक छोटी सी मोटर साइकिल से लेकर बड़े से बड़ा ट्रक तक। तो आपको उसका इंश्योरेंस जरूर करवाना चाहिए। अगर आप ऐसा करवाते हैं तो वाहन के साथ कोई भी दुर्घटना होने पर बीमा कंपनी आपको क्लेम देती हैं जिससे आपके नुकसान की भरपाई हो जाती हैं। मान लीजिए अगर आपकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाता हैं और वह पूरी तरह टूट-फूट जाती हैं या फिर थोड़ी बहुत खरोंच भी आती है तो भी आपकी बीमा कंपनी उसके बदले पैसे देती हैं।

इसके अलावा एक्सीडेंट के वक्त गाड़ी में बैठे लोगों को अगर किसी प्रकार की चोट लगती है तो भी इंश्योरेंस कंपनी उसका खर्च उठाती हैं। हालांकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने अपने वाहन का किस प्रकार का बीमा करवाया है। मुख्यतः व्हीकल इंश्योरेंस दो प्रकार के होते हैं पहला थर्ड पार्टी इंश्योरेंस व दूसरा फुल पार्टी इंश्योरेंस।

इसे भी पढ़े: बाइक इन्शुरन्स क्या है बाइक इन्शुरन्स के पूरी जानकारी हिंदी में?

क्रॉप और फार्मर इन्शुरन्स:

भारत के लगभग हर राज्य में कृषि की जाती हैं। आंकड़ों के मुताबिक हमारे देश की 52 प्रतिशत आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। ऐसे में जो लोग कृषि करते हैं उनको फसल बीमा जरूर करवाना चाहिए। क्योंकि प्रकृति कब अपना रूख बदल लें इसका अंदाजा किसी को नहीं होता। फसल में आग लगने, बारिश, बाढ़, ओलावृष्टि से हर साल करोड़ों की फसल बर्बाद होती हैं लेकिन अगर आप अपनी फसल का बीमा करवा लेते हैं तो किसी भी प्रकार से फसल खराब होने पर बीमा कंपनी आपको मुआवजा देती हैं।

बीमा कंपनी का एजेंट आपकी फसल का मुआयना करता है और देखता है कि फसल का कितना नुकसान हुआ है उसके आधार पर ही मुआवजे की राशि दी जाती हैं। इसके अलावा यह भी देखा जाता है कि आपके आसपास और किसानों की भी फसल बर्बाद हुई हैं या नहीं। क्योंकि फसल बीमा के नियम थोड़े कठिन है अगर आपके साथ आसपास के खेतों में भी फसल को नुकसान हुआ है तो ही आपको मुआवजा दिया जाता हैं। मौजूदा नियमों के मुताबिक अगर कोई किसान कृषि लोन लेता है तो उसे फसल का बीमा करवाना जरूरी हैं।

मोबाइल इंश्योरेंस:

आजकल मोबाइल यूजर्स की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं और साथ ही बाजार में एक से बढ़कर से एक किमती स्मार्टफोन्स लॉन्च हो रहे हैं जिनकी कीमत हजारों में होती हैं। ऐसे में अगर आप अपने कीमती मोबाइल का इंश्योरेंस करवा लेते हैं तो उसके टूटने या कुछ भी छोटा-बड़ा नुकसान पर इंश्योरेंस कंपनी आपको उसका हर्जाना देती हैं। अगर आपका फोन चोरी या कहीं गुम हो जाता हैं तो ऐसी स्थिति में भी मोबाइल इंश्योरेंस बहुत काम आता हैं और आपको उसके पैसे मिल जाते हैं। तो जरूरी है कि अगर आप महंगा स्मार्टफोन यूज करते हैं तो आज ही उसका बीमा करा लें।

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